इंडोनेशिया में सुनामी से अब तक 429 की मौत
इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने की वजह से आई सुनामी से मरने वालों की तादाद 429 हो गई है. इनमें से 108 दक्षिण लामपुंग के हैं.
बीएनपीबी के प्रवक्ता सुतूपो पूर्वो नुगरोहो ने कहा, "जैसा की डर था, 22 दिसंबर को आई सुनामी की वजह से मरने वालों की तादाद बढ़ रही है. मंगलवार 25 दिसंबर से अब तक 429 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें से 108 दक्षिण लामपुंग में पाए गए हैं."
जकार्ता में प्रैस वार्ता के दौरान सुतोपो ने कहा, "समंदर में भी शव मिले हैं. ये लहरों के साथ बहकर आए हैं."
अभी भी 150 लोग लापता हैं जबकि 16,000 लोग बेघर हो गए हैं. लापता लोगों की तलाश जारी है.
इस आपदा के पीड़ितों तक साफ़ पानी और दवाइयां पहुंचाना राहत और बचाव दलों के लिए चुनौती बन गया है. अधिकारियों का कहना है कि यदि हालात बेहतर नहीं हुए तो प्रभावित इलाक़ों में बीमारियां भी फैल सकती है.
इंडोनेशिया में क्रेकाटोआ ज्वालामुखी की सक्रियता को देखते हुए चेतावनी दी गई है कि उसके आसपास के तटीय इलाकों में रहने वाले लोग तटों से दूर रहें क्योंकि सुनामी की लहरें एक बार फिर अपनी विनाशलीला दिखा सकती हैं.
इंडोनेशिया में इस ज्वालामुखी में हुई गतिविधि की वजह से शनिवार को विनाशकारी सुनामी आई थी.
कम-से-कम 429लोगों की मौत, संख्या बढ़ने की आशंका
1,400 से ज़्यादा लोग ज़ख्मी, सैकड़ों इमारतें ध्वस्त
सुंडा खाड़ी के दोनों तरफ़ जावा और सुमात्रा के तटीय इलाक़ों में अचानक आई सुनामी
सुनामी की वजह एक ज्वालामुखी का फटना हो सकता है जिससे समंदर केज़मीनी हिस्से में हलचल हुई और ऊँची लहरें उठीं
फिर से सुनामी आने का ख़तरा, लोगों को तटवर्ती इलाकों से दूर रहने की चेतावनी
शनिवार रात 9:30 पर आई सुनामी
छुट्टी के दिन आई सुनामी लहरें कई लोकप्रिय पर्यटक स्थलों से टकराई
सरकार का कहना है कि सुनामी के बाद कम से कम 1,400 लोग जख़्मी हुए हैं और करीब 150 लोग अब भी लापता हैं.
सुंडा स्ट्रेट (खाड़ी) के आसपास जावा और सुमात्रा के प्रभावित इलाक़ों में अब भी आपातकालीन सेवाएं पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.
देश की आपदा प्रबंधन एजेंसी का कहना है कि सैकड़ों इमारतों को नुकसान पहुंचा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि क्रेकाटोआ ज्वालामुखी के फटने के बाद समुद्र के भीतर हुए भूस्खलन की वजह से सुनामी आई.
इंडोनेशिया में बीबीसी संवाददाता रेबेका हेंस्के के मुताबिक सिर्फ़ लामपुंग प्रांत में ही मरने वालों की संख्या कई सौ में हो सकती है.
पश्चिमी जावा का लोकप्रिय बीच रिसॉर्ट तानजुंग लेसुंग भी सुनामी की चपेट में आया है. यहां मौजूद लोगों को किसी तरह की कोई चेतावनी नहीं दी गई थी.
यह वीडियो इंडोनेशिया की आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुर्वो नुगरोहो ने पोस्ट किया है. इसमें दिख रहा है कि सड़क पर पानी भरा हुआ है गाड़ियां पानी के साथ बह गईं.
इससे पहले इन्होंने एक और वीडियो पोस्ट किया था कि पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है और लोग भागने की तैयारी कर रहे हैं.
बीएनपीबी के प्रवक्ता सुतूपो पूर्वो नुगरोहो ने कहा, "जैसा की डर था, 22 दिसंबर को आई सुनामी की वजह से मरने वालों की तादाद बढ़ रही है. मंगलवार 25 दिसंबर से अब तक 429 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें से 108 दक्षिण लामपुंग में पाए गए हैं."
जकार्ता में प्रैस वार्ता के दौरान सुतोपो ने कहा, "समंदर में भी शव मिले हैं. ये लहरों के साथ बहकर आए हैं."
अभी भी 150 लोग लापता हैं जबकि 16,000 लोग बेघर हो गए हैं. लापता लोगों की तलाश जारी है.
इस आपदा के पीड़ितों तक साफ़ पानी और दवाइयां पहुंचाना राहत और बचाव दलों के लिए चुनौती बन गया है. अधिकारियों का कहना है कि यदि हालात बेहतर नहीं हुए तो प्रभावित इलाक़ों में बीमारियां भी फैल सकती है.
इंडोनेशिया में क्रेकाटोआ ज्वालामुखी की सक्रियता को देखते हुए चेतावनी दी गई है कि उसके आसपास के तटीय इलाकों में रहने वाले लोग तटों से दूर रहें क्योंकि सुनामी की लहरें एक बार फिर अपनी विनाशलीला दिखा सकती हैं.
इंडोनेशिया में इस ज्वालामुखी में हुई गतिविधि की वजह से शनिवार को विनाशकारी सुनामी आई थी.
कम-से-कम 429लोगों की मौत, संख्या बढ़ने की आशंका
1,400 से ज़्यादा लोग ज़ख्मी, सैकड़ों इमारतें ध्वस्त
सुंडा खाड़ी के दोनों तरफ़ जावा और सुमात्रा के तटीय इलाक़ों में अचानक आई सुनामी
सुनामी की वजह एक ज्वालामुखी का फटना हो सकता है जिससे समंदर केज़मीनी हिस्से में हलचल हुई और ऊँची लहरें उठीं
फिर से सुनामी आने का ख़तरा, लोगों को तटवर्ती इलाकों से दूर रहने की चेतावनी
शनिवार रात 9:30 पर आई सुनामी
छुट्टी के दिन आई सुनामी लहरें कई लोकप्रिय पर्यटक स्थलों से टकराई
सरकार का कहना है कि सुनामी के बाद कम से कम 1,400 लोग जख़्मी हुए हैं और करीब 150 लोग अब भी लापता हैं.
सुंडा स्ट्रेट (खाड़ी) के आसपास जावा और सुमात्रा के प्रभावित इलाक़ों में अब भी आपातकालीन सेवाएं पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.
देश की आपदा प्रबंधन एजेंसी का कहना है कि सैकड़ों इमारतों को नुकसान पहुंचा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि क्रेकाटोआ ज्वालामुखी के फटने के बाद समुद्र के भीतर हुए भूस्खलन की वजह से सुनामी आई.
इंडोनेशिया में बीबीसी संवाददाता रेबेका हेंस्के के मुताबिक सिर्फ़ लामपुंग प्रांत में ही मरने वालों की संख्या कई सौ में हो सकती है.
पश्चिमी जावा का लोकप्रिय बीच रिसॉर्ट तानजुंग लेसुंग भी सुनामी की चपेट में आया है. यहां मौजूद लोगों को किसी तरह की कोई चेतावनी नहीं दी गई थी.
यह वीडियो इंडोनेशिया की आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुर्वो नुगरोहो ने पोस्ट किया है. इसमें दिख रहा है कि सड़क पर पानी भरा हुआ है गाड़ियां पानी के साथ बह गईं.
इससे पहले इन्होंने एक और वीडियो पोस्ट किया था कि पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है और लोग भागने की तैयारी कर रहे हैं.
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